ज़िंदगीमर्गकीमोहलतहीसही
बहर-ए-वामांदाइक़ामतहीसही
दोस्तीवज्ह-ए-अदावतहीसही
दुश्मनीबहर-ए-रिफ़ाक़तहीसही
तूलदेतेहोअदावतकोक्यूँँ
मुख़्तसरक़िस्सा-ए-उल्फ़तहीसही
रखकिसीवज़्अ''सेएहसानकीख़ू
मुझकोआज़ारसेराहतहीसही
आपकाभीनहींछुटतादामन
मेरेदरपेमिरीशामतहीसही
आक़िबतहश्रकोआनाइकदिन
रूठजानातिरीआदतहीसही
कुछभीऐबख़्तमुयस्सरहैतुझे
यातजस्सुससेफ़राग़तहीसही
कूचा-ए-ग़ैरमेंचलकररहिए
गरनहींऐशतोहसरतहीसही
यहीतक़रीब-ए-सितमहोऐकाश
हरतरहग़ैरसेनफ़रतहीसही
अबतोउठआएलहदसेबे-ताब
नसहीचालक़यामतहीसही
यादगारीकीकोईबाततोहो
मौतअपनीतिरीरुख़्सतहीसही
अदल-ओ-इंसाफ़-ए-क़यामतमालूम
आह-ओ-फ़रियादकीफ़ुर्सतहीसही
ऐ'क़लक़'शुक्र-ए-सितमबे-जाक्यूँँ
आह-ओ-फ़रियादकीफ़ुर्सतहीसही