नर्मलहजेमेंतहम्मुलसेज़राबातकरो
फिरब-सद-शौक़सर-ए-आममुझेमातकरो
यानिसारआजकरोमुझपेतमामअपनेहुनर
यानज़र-बंदमिरेसारेकमालातकरो
मैंरिवायातसेबाग़ीतोनहींहूँलेकिन
तुमसेमुमकिनहोतोतब्दील-ए-ख़यालातकरो
एकमुद्दतसेमिरेदिलकानगरहैवीराँ
आओइसदश्तपेतुमफूलोंकीबरसातकरो
फ़स्लउजालोंकीसियह-बख़्तज़मींउगलेगी
ज़र-निगारअपनेज़राकश्फ़-ओ-करामातकरो
इसतरहमिलकेबिछड़नातोक़यामतहोगा
मुश्तइलतुमनमिरीजाँमिरेजज़्बातकरो
बे-नियाज़ीतोमिलाकरतीहैदुनियासे'ख़याल'
तुमकिसीतौरनतज्दीद-ए-ग़म-ए-ज़ातकरो