क़दम जो नफ्स मेरी शादमानी में रख दे
कोई ग़म इस से पहले ज़िंदगानी में रख दे
सदाक़त ही मेरे किरदार से छल्के हर दम
असर इतना या रब मेरी बयानी में रख दे
तेरी तस्वीर चश्में तर में कैसे बनती है?
समझना है? दिया ला और पानी में रख दे
यही है इलतिजा अब तुझ से ऐ मेरे मौला
तड़प सजदो की तू मेरी पेशानी में रख दे
मेरी रुसवाइयों का ध्यान रख ऐ क़िस्सा गो
अलग सा नाम मेरा इस कहानी में रख दे
सितारो की निय्यत अच्छी नहीं है साहिल, जा
क़मर को बादलों की पास्बानी में रख दे
— Raza sahil















