ये अंतिम फ़ैसला है देखते हैं
किसे वो देखता है देखते हैं
मुझे कुछ काम फिर है भी नहीं सो
तुझे ही देखना है देखते हैं
मुझे तुम से मोहब्बत है मेरी जाँ
यही तो बोलना है देखते हैं
हमारे एक होने से जहाँ में
किसे क्या मसअला है देखते हैं
वो अगले हम सेफ़र को अब सफ़र में
कहाँ पर छोड़ता है देखते हैं
रहे जब देर तक बाहर उदासी
तब अंदर क्या हुआ है देखते हैं
— Sanjay shajar















