सुनोगे जब कहानी तुम हमारी
ये आँखें रो पड़ेंगी फिर तुम्हारी
मिरी ये आख़िरी हिचकी है तुम को
पता है मुझ को है शादी तुम्हारी
कहा है बादलों ने आज हम से
नहीं है कोई दुल्हन तुझ से प्यारी
कटेगी अब नहीं ये रात हम से
रहेगी आज हम पर रात भारी
है अब सिंदूर तेरी माँग में सो
ख़ुदा ख़ुशियाँ तुझे दे ढ़ेर सारी
इशारा है तेरी डीपी का मुझ को
भुला देने की तुझ को है ये बारी
है वा'दा दोस्ती का तेरा लेकिन
रखें हम कैसे तुझ से सिर्फ़ यारी
मुझे इक शे'र शादी पर था कहना
कहूँ शायद मैं शादी पर तुम्हारी
— Shantanu Bhardwaj















