आँसू बचा नहीं मिला
घर था मिरा नहीं मिला
कैसे नहीं बताता अब
हमदम चुना नहीं मिला
जा कर चला गया कहीं
साथी निभा नहीं मिला
देखो हमें यहाँ नहीं
मरहम लगा नहीं मिला
उम्मीद कोई थी नहीं
दिल था बना नहीं मिला
उन को पता नहीं चला
जंगल लुटा नहीं मिला
रोता रहा कहीं तलक
दिल भी खुला नहीं मिला
अब कोई भी नहीं यहाँ
मुझ सा ख़फ़ा नहीं मिला
— Shivam Raahi Badayuni















