आख़िर क्या करना है ऐसी कमाई का
भाई दुश्मन हो जाता है भाई का
जब तुझ पर गुज़रेगी तब तू जानेगा
बिल्कुल भी ये दौर नहीं है भलाई का
तेरी ग़लती तू ही उस पर मर बैठा
इस
में हाथ नहीं था उस हरजाई का
आँखें फोड़ ली तेरे जाने पर हम ने
क्या ही करना अब हम ने बीनाई का
— Shivam Prajapati















