नेकी कर दरिया में डाल
पंछी को तू दाना डाल
ख़िदमत कर माँ-बाप की तू
औलादों सा इनको पाल
नींद नहीं आती जिस को
वो ही जाने अपना हाल
जान कमाना मुश्किल है
रोटी चावल आटा दाल
मैं ही जानूँ उस के बिन
कैसे बीते माह-ओ-साल
'सलमा' उस से कहना तुम
छोड़ दे मुझ को मेरे हाल
— Salma Malik















