हर एक लिफ़ाफ़े पर बस नाम तुम्हारा है
पढ़ता हूँ मोहब्बत का पैग़ाम तुम्हारा है
अब कौन दलीलें दे तुम को तो मोहब्बत में
हम दिल को चुराते हैं इल्ज़ाम तुम्हारा है
तुम आँख मिलाती हो फिर आँख चुराती हो
घाइल हैं नहीं यूँ ही ये काम तुम्हारा है
नज़रें हैं न जाने क्या ये तुम तो न जानी हो
तुम इनसे पिलाती हो ये जाम तुम्हारा है
उस चाँद से मिल कर तो तोयेश ये बोलेंगे
बख़्शा है जिसे मैं ने वो नाम तुम्हारा है
— Toyesh prakash















