इश्क़ उस ने अब दुबारा कर लिया
और फिर मुझ से किनारा कर लिया
सारी दुनिया जीतने वालों ने भी
दिल के सौदे में ख़सारा कर लिया
हम ने ख़ामोशी से हर मौसम सहे
जो मिला उस
में गुज़ारा कर लिया
हम ने जब जब उस से चाहा फ़ासला
उस की ज़ुल्फ़ों ने इशारा कर लिया
इस से ज़्यादा चाहिए और क्या तुम्हें
बे-वफ़ा होना गवारा कर लिया
— Yamir Ahsan















