
कभी फूलों से कहता है कभी भॅवरों से कहता है
कभी ये दिल मेरा चुप चाप ही हर दर्द सहता है
यक़ीं मानो मैं अपना राज़ ए दिल तुम को बताता हूँ
जो मेरे दिल का दुश्मन है वो मेरे दिल में रहता है
— Zeeshan kaavish
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