laga ham ko nahin hai rahm dil tum sa zamaane men | लगा हम को नहीं है रहम दिल तुम सा ज़माने में

  - Azhan 'Aajiz'
लगाहमकोनहींहैरहमदिलतुमसाज़मानेमें
मगरकोईकसरतुमनेछोड़ीदिलदुखानेमें
किजाने-जाँभलावोग़ैरतोफिरग़ैरथेलेकिन
तुम्हींअव्वलरहेहोयारहमकोआज़मानेमें
सुनाईजोगईहैदास्ताँतुमकोहमारीवो
लिखाथाझूठक़िस्सावोहमाराउसफ़सानेमें
उसेफिरइसलिएजानेदियाहमनेनहींरोका
ज़राइकबातसचथीदोस्तउसकेउसबहानेमें
उसेहमबे-वफ़ाबोलेंकितौहीन-ए-वफ़ाहोगी
हमेंछोड़ापुरानेसेवफ़ाउसनेनिभानेमें
हँसातेथेहमेंजोलोगपरमहसूसहोताहै
उन्हींकाहाथहैअबयारयूँँहमकोरुलानेमें
उसेवापसबुलाऊँक्यामिरेयारोबताओतुम
उसेगरइश्क़होतादेरकरताक्यावोआनेमें
रहेगाइन्तिज़ारे-यारअबतोउम्रभरहमको
किवीरानीरहेगीदोस्तदिलकेआशियानेमें
दिखावाअबनहींकरनाकिसीकोभीज़रासाभी
उदासीमेंपरेशानीहमेंहैमुस्कुरानेमें
हमारीज़िन्दगीसारीकिगुज़रीयारयूँँ"आरिज़"
उसेकुछचाहनेमेंयादकरनेतोभुलानेमें
  - Azhan 'Aajiz'
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