क्या ज़रूरी काम था, जाना पड़ा तोतुम को ऐसा काम रोज़ाना पड़ा तोख़ुद-कुशी से पहले बस इक बार सोचोफिर दुबारा भी यहीं आना पड़ा तो— Harshad B tiwari