vasl ki shaam adhuri bhi ho sakti hai | वस्ल की शाम अधूरी भी हो सकती है

  - KARAN
वस्लकीशामअधूरीभीहोसकतीहै
औरमुसलसलदूरीभीहोसकतीहै
मतरहनाइसवहममेंहर्गिज़दीवानों
रोज़,तमन्नापूरीभीहोसकतीहै
बिरहन-सीजोरातहै,उतरीआँगनमें
तुमआओ,सिंदूरीभीहोसकतीहै
तुमअंदाज़लगातेरहनाचाहतके
नूरमेंइकबे-नूरीभीहोसकतीहै
आजमसाइलइश्क़मेंबढ़तेजातेहैं
शायद,उनसेेदूरीभीहोसकतीहै
इश्क़महकताहै,चंदनहोसकताहै
साँसोंमेंकस्तूरीभीहोसकतीहै
दीवानेहैं,दीवानोंकोदुनियाक्या
धड़कन,ग़ैर-ज़रूरीभीहोसकतीहै
इश्क़हैयारो,इश्क़मेंहोंबदनामअगर
रुस्वाई,मशहूरीभीहोसकतीहै
आजमुहब्बत,शेवाहैउसकालेकिन
कलकोई,मजबूरीभीहोसकतीहै
खोटकरनकुछतेरेइश्क़मेंभीहोगा
कुछउसकीमगरूरीभीहोसकतीहै
  - KARAN
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Raat Shayari

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