
दोस्ती ऐसे निभाओ
वक़्त रहते काम आओ
ज़िन्दगी में ग़म हैं माना
ग़म छुपाकर मुस्कुराओ
दोस्त हो या कोई दुश्मन
सब को सीने से लगाओ
सो रही है जनता सारी
नींद से इनको जगाओ
बेच देंगे ये लुटेरे
देश को इनसे बचाओ
अम्न का नारा नहीं बस
दूरियाँ भी तो मिटाओ
क्यूँ न होगा नाम ऊँचा
काम ऊँचा कर दिखाओ
— Kumar Aryan















