तुम्हारी निगाहें सितारों के जैसी
हसीं ख़ूब-सूरत नज़ारों के जैसी
न कोई मेरे साथ तो ग़म नहीं है
मेरे वास्ते तुम हज़ारों के जैसी
मैं भटका हुआ सा मुसाफिर हूँ कोई
मेरी जान तुम हो सहारों के जैसी
— Prince Sodhi
हसीं ख़ूब-सूरत नज़ारों के जैसी
न कोई मेरे साथ तो ग़म नहीं है
मेरे वास्ते तुम हज़ारों के जैसी
मैं भटका हुआ सा मुसाफिर हूँ कोई
मेरी जान तुम हो सहारों के जैसी
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