jahaan men bura mujhse zyaada hua kaun | जहाँ में बुरा मुझ सेे ज़्यादा हुआ कौन

  - SHIV SAFAR

जहाँ में बुरा मुझ सेे ज़्यादा हुआ कौन
जो अच्छा हुआ मैं तो मुझ सेे बुरा कौन

मैं बेहतर नहीं मानता हूँ ये लेकिन
अगर मैं बुरा तो यहाँ फिर भला कौन

उसे मुझ से नाराज़ रहने दो यारों
अगर मान ले वो तो होगा ख़फ़ा कौन

हवाओं में मौजूद अगर वो नहीं तो
लगाए बिना हाथ मुझको छुआ कौन

मैं इतना बुरा हूँ कि मेरे लिए फिर
अगर माँ न होती तो करता दुआ कौन

तुम्हारे बिना भी तुम्हीं को जो चाहे
हमारे सिवा इस जहाँ में बना कौन

  - SHIV SAFAR

Duniya Shayari

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