हाथ से हाथ मेरे रोज़ मिलाने वाला
छोड़ कर जा रहा है मुझ को सताने वाला
एक मुद्दत से नहीं रूठा नहीं रोया मैं
जानता हूँ है नहीं कोई मनाने वाला
आज महफ़िल में मुझे टूट बिखर जाना है
आज मैं शे'र नहीं कोई सुनाने वाला
रास्ते में हूँ खड़ा तन्हा,अकेला,गुम-सुम
राह से गुम है मुझे राह बताने वाला
आप की चाहतों में छोड़ दें दुनिया लेकिन
है नहीं घर में कोई और कमाने वाला
ख़्वाब जो टूट गया इस
में शिकायत कैसी
ख़्वाब तो तोड़ता है ख़्वाब दिखाने वाला
एक तो उस की तगाफुल भी मेरी दुश्मन है
और ऊपर से है वो ऊँचे घराने वाला
भाई को भाई से उलझा के लड़ा कर देखो
तख़्त पर बैठ गया ख़ून बहाने वाला















