रहनेदेयेतंज़केनश्तरअहल-ए-जुनूँबेबाकनहीं
कौनहैअपनेहोशमेंज़ालिमकिसकागरेबाँचाकनहीं
जबथाज़मानादीवानोंकाअबफ़रज़ानेआएहैं
जबसहरामेंलाला-ओ-गुलथेअबगुलशनमेंख़ाकनहीं
फ़ित्नोंकीअर्ज़ानीसेअबएकइकतारआलूदाहै
हमदेखेंकिसकिसकेदामनएकभीदामनपाकनहीं
मौज-ए-तलातुमख़ैरहैंहमसाहिलकेक़रीबआतेहीनहीं
वक़्तकीरौमेंबहजाएँहमऐसेख़स-ओ-ख़ाशाकनहीं
दर्द-ओ-कर्बसेहश्रबपाहोंटोंपेतबस्सुमहै'अख़्तर'
दिलकाआलमकुछभीरहेआँखेंतोमगरनमनाकनहीं