अभी तो सिर्फ़ मुहब्बत हुई है यार मुझेअभी से ज़िक्र न कर कौन बे-वफ़ा होगामेरे बग़ैर तू ख़ुश रह लेगी ये इल्म न थासो देखना है के बिन मेरे तेरा क्या होगा— Md Akhter Ansari