तिरेचाँदजैसेरुख़परयेनिशान-ए-दर्दक्यूँँहैं
तिरेसुर्ख़आरिज़ोंकेयेगुलाबज़र्दक्यूँँहैं
तुझेक्याहुआहैआख़िरमुझेकमसेकमबतातो
तिरीसाँसतेज़क्यूँँहैतिरेहाथसर्दक्यूँँहैं
तुझेना-पसंदजोथेवहीबे-विक़ाररहते
जोअज़ीज़थेतुझेवोतिरेदरकीगर्दक्यूँँहैं
वोकिताबलाओजिसमेंहैबयानशान-ए-क़ौमी
मिरेदौरकीयेक़ौ
मेंब-गिरफ़्त-ए-फ़र्दक्यूँँहैं
मुझेशकगुज़ररहाहैतिरीचारा-साज़ियोंपर
ऐमसीह-ए-वक़्तबतलायेदिलोंमेंदर्दक्यूँँहैं
जिन्हेंयादथेफ़सानेबहुतअपनेबाज़ुओंके
ऐ'अलीम'मुज़्महिलसेवोदम-ए-नबर्दक्यूँँहैं