KHuda ki kaun si hai raah behtar jaanta hai | ख़ुदा की कौन सी है राह बेहतर जानता है

  - Amit Ahad
ख़ुदाकीकौनसीहैराहबेहतरजानताहै
मज़ाहैनेकियोंमेंक्याक़लंदरजानताहै
बहुतहमदर्दहैंमेरेमगरअंजानहैंसब
मिरेज़ख़्मोंकीहालतकोरफ़ूगरजानताहै
किसीसेमैंनहींकहतामगरमेरीग़रीबी
मिरीदीवारोंकाउखड़ाप्लस्तरजानताहै
कभीमंदिरकभीमस्जिदपेहैइसकाबसेरा
धरमइंसानियतकाबसकबूतरजानताहै
सनमतेरीजुदाईमेंकटाहैवक़्तमुश्किल
गिनेदिनहिज्रमेंकितनेकैलेंडरजानताहै
कहींभरपेटरोटीतोकहींसेहाथख़ाली
किसीकीकैसीहैनिय्यतगदागरजानताहै
मैंप्यासारहकेभीमिन्नतनहींकरताकिसीकी
बहुतख़ुद्दारहूँमैंयेसमुंदरजानताहै
किसीभीवक़्तयेमज़लूमकरदेंगेबग़ावत
सितमकीहोचुकीहैहदसितमगरजानताहै
रहेंअर्थीसेबाहरहाथउसकाक़ौलहैये
कुछभीसाथजाएगासिकंदरजानताहै
तुम्हारीयादमेंरातेंकटीहैंमुश्किलोंसे
रहाहूँकितनामैंबेचैनबिस्तरजानताहै
होगादूसरापैदाजहाँमेंकोईगाँधी
बहुतअच्छीतरहसेपोरबंदरजानताहै
यहाँहैभीड़मेंभीकिसक़दरहरशख़्सतन्हा
तुम्हारेशहरकाहरएकमंज़रजानताहै
अहद'जीनेकोतोसबजीरहेहैंइसजहाँमें
मगरइसज़ीस्तकामतलबसुख़न-वरजानताहै
  - Amit Ahad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy

Poverty Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Amit Ahad

As you were reading Shayari by Amit Ahad

Similar Writers

our suggestion based on Amit Ahad

Similar Moods

As you were reading Poverty Shayari Shayari