हरग़मपेआज-कलहैख़ुशीकागुमाँमुझे
लेआईयाद-ए-यारकहाँसेकहाँमुझे
मंज़ूरज़ौक़-ए-दीदकाहोइम्तिहाँमुझे
येताबयेमजालयेताक़तकहाँमुझे
यारबक़फ़सकीख़ैरकिदेखाजोख़्वाबभी
आयाहैबिजलियोंमेंनज़रआशियाँमुझे
आज़ादी-ए-ख़यालकेवोरंगअबकहाँ
थाइब्तिदामेंकुंज-ए-क़फ़सआशियाँमुझे
ज़ौक़-ए-तलबकाराज़यहीज़िंदगीयही
हरकारवाँहैगर्द-ए-पस-ए-कारवाँमुझे
मैंजान-ए-रंग-ओ-बूहूँमैंआराइश-ए-चमन
तूक्यासमझरहाहैमिरेबाग़बाँमुझे
तेवरनिगाह-ए-नाज़केकुछदिनयहीजोहैं
यारा-ए-ज़ब्त-ए-राज़'जमाली'कहाँमुझे