हो गया हूँ शाइ'र सा,
दिल में है कुछ ख़ंजर सा
तुम अब अपने लगते हो,
कह लो इस को दिलबर सा
नया नया सब सीख रहा हूँ,
पाया तुम को रहबर सा
हम को तुम से इश्क़ हुआ है
पहन लो हम को जेवर सा
उतने ज़रूरी हो अब तुम
शादी में ज्यूँ कोहबर सा
याद ऐसे आते हो तुम
ससुराल में पीहर सा
— Om Shukla















