तरीक़-ए-कोहनापेअबनज़्म-ए-गुलिस्ताँनरहे
मिरीबहारकोअँदेशा-ए-ख़िज़ाँनरहे
येआरज़ूहैबदलजाएरस्म-ए-शहर-ए-वफ़ा
उदासहुस्ननहोइश्क़सर-गराँनरहे
पयाम-ए-वस्लसेदिलबाग़बाग़होजाएँ
लबोंपेशिकवा-ए-बे-मेहरी-ए-बुताँनरहे
तुलू-ए-मेहरबड़ेतुज़्क-ओ-एहतिशामसेहो
उफ़ुक़सियाही-ए-शबसेधुआँधुआँनरहे
समाअ'तोंपेमुसलसलहोनग़्मगीकानुज़ूल
नज़रमेंज़िश्त-मनाज़िरकाकारवाँनरहे
मसर्रतोंकेफरेरेजहाँमेंलहराएँ
ग़म-ओ-अलमकेलिएगोशा-ए-अमाँनरहे
ब-रु-ए-अद्लसभीअपनाअपनाहिस्सालें
औरएहतिमाल-ए-ग़लतबख़्शी-ए-मुग़ाँनरहे