जोख़्वाबमेंहुआथावाक़ईनहो
किमैंपुकारतारहूँकोईनहो
चराग़बे-सबबतोरोनहींरहे
जोशबगुज़ररहीहैआख़िरीनहो
जिसेसुकूत-ए-मर्गकानिशाँकहें
येख़ामुशीकहींवोख़ामुशीनहो
पड़ीहुईहैगर्दसीजोवक़्तपर
येचश्म-ए-ख़्वाब-ज़ादसेगिरीनहो
मुझेयेहुक्मभीसुनादियागया
किनावमेंमिरेसिवाकोईनहो
यक़ींभरी-बहारकाभीकुछनहीं
अगरयेशाख़-ए-दर्दहीहरीनहो
मिरामोआ'मला'नईम'औरहै
अगरतिरीनज़रमेंसरसरीनहो