अब बोल ज़रा क्या तू मिरे यार करेगा
नफ़रत ही करेगा या मुझे प्यार करेगा
तू बात मिरी मान ले अब दिल मुझे देदे
कब तक तू जवानी तिरी बेकार करेगा
जिस रोज़ भी चाहूँगा जला दूँगा ज़माना
तू ख़ाक ज़माने को ख़बरदार करेगा
प्याले में ज़रा मेरे मिला ज़हर भी साक़ी
बस मय ही पिला क्या मुझे बीमार करेगा
मैं ने ही सिखाया तुझे हथियार चलाना
मेरी ही तरफ़ अब तू ये तलवार करेगा
— Raaz Gurjar















