बिछड़ कर तुझ सेे मैं क्या क्या करूँँ हूँ
अकेला बैठ कर रोया करूँ हूँ
मुझे तनख़्वाह दे नौकर हूँ तेरा
तेरी यादों को मैं ढोया करूँ हूँ
मुझे इस के अलावा काम क्या है
तेरी तस्वीर को देखा करूँ हूँ
कभू गर दिल मेरा लगता नहीं है
तेरे कूचे से हो आया करूँ हूँ
बिना तेरे मैं क्यूँ मरता नहीं हूँ
मैं अपने आप को कोसा करूँ हूँ
— Raaz Gurjar















