तोड़ दिया जो दिल मेरा मुझ को मलाल तो नहीं
मेरे किए की है सज़ा तेरा कमाल तो नहीं
वक़्त अभी बहुत है दोस्त मेरे दुरुस्त होने को
साल का आख़िरी है ये आख़िरी साल तो नहीं
गर वो तुम्हें पसंद है कुछ भी करे से पहले तुम
देखो कि उस हसीन पर मेरा रुमाल तो नहीं
— Raaz Gurjar















