तेरी यादों को भुलाएँ कैसे
मलबा यादों का जलाएँ कैसे
कितना भारी है बताएँ कैसे
इश्क़ का बोझ उठाएँ कैसे
जागते-जागते कट जाती है
रातों में खुद को सुलाएँ कैसे
हाथ लग ही गई मेरी माँ के
तेरी तस्वीर छुपाएँ कैसे
इक उदासी हैं हमारे भीतर
हँसने वालो को दिखाएँ कैसे
तेरी तस्वीर हटा दी माँ ने
कमरा अब अपना सजाएँ कैसे
जान बसती है अभी भी इसमें
तेरी तस्वीर जलाएँ कैसे
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