डूबने से न दिल डुबोने से

बस मैं डरता हूँ तुझ को खोने से

पहले खारा नहीं समुंदर था
ये हुआ है हमारे रोने से

मेरा होना तो कुछ नहीं होता
मेरा होना है तेरे होने से

अपने ख़्वाबों के वास्ते जागो
मंज़िलें कब मिली हैं सोने से

तुम को आएगी अश्कों की ख़ुशबू
मेरे घर के हर एक कोने से

ग़म की फ़सलें ही उगती हैं अक्सर
प्यार के बीज दिल में बोने से

अपने दामन को पाक साफ़ रखो
दाग़ जाते नहीं ये धोने से

कौन सँभला 'मलक' जो सँभलोगे
इश्क़ के मीठे जादू टोने से

— Ram Singar Malak

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