kaan kii baali apni dobaara talash | कान की बाली अपनी दुबारा तलाश

  - Azmi Saud

कान की बाली अपनी दुबारा तलाश
रुकने का पास मेरे बहाना तलाश

ज़िन्दा जो हैं ज़रा सा भी उन को है मौत
ख़ुदकुशी पहले तू मुझ को ज़िन्दा तलाश

प्यास से पहले तन्हाई ही मारेगी
सहरा में पहला काम एक प्यासा तलाश

साथ दोनों नहीं रह सकेंगे मगर
मैं तिरे जैसा तू मेरे जैसा तलाश

पूछ उस से उजाले में ये है कहाँ
फिर अँधेरे में तिल उस बदन का तलाश

  - Azmi Saud

Alone Shayari

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