"एक सूरत एक सी तस्वीर है"या'नी दोनों ही तरफ़ कश्मीर हैये नहीं तो दूसरी मौजूद हैआप की कितनी सही तक़दीर हैभागने वाले खज़ाना ले गएइस लिए भी घर में सब दिलगीर हैजंग अपनी हिज्र से कैसे लड़ूंआँख में आँसू है दिल में तीर हैकौन सा दफ़्तर है कैसे लोग हैहाथ पर घड़ियाँ नहीं ज़ंजीर है— RUSHIKESH PAWAR