जिससब्र-ओ-रज़ासेतिरेरस्तेपेरवाँहूँ
बातिलकेइरादोंकेलिएकोह-ए-गिराँहूँ
ऐमाह-ए-मुनव्वरतुझेउसदरकीक़समहै
रस्तावेसुझादेकिमैंइकपलमेंवहाँहूँ
आनानगवाराहोअगरकूचेसेउनके
मरक़दमिराकरदीजेफ़रस्तादाजहाँहूँ
अफ़्कारनजज़्बोंकीपज़ीराईजहाँमें
अबअपनेहीइदराकसेमैंख़ुदभीनिहाँहूँ
शुनवाईमिरीज़ातकीजिसदरसेमुक़द्दर
सर-बस्तालिएराज़सभीउसपेअयाँहूँ
यूँँदामन-ए-रहमतनेछुपारक्खाहैमुझको
गर्दिशमुझेअबढूँडतीफिरतीहैकहाँहूँ