बात जो हो हमें तुम बताया करो
हाल अपना न हम से छुपाया करो
फ़िक्र मुझ को हमेशा तुम्हारी हुई
वक़्त पर कॉल मेरा उठाया करो
मेरे सपनों में तुम रोज़ आती रहीं
है दुआ मिलने तुम रोज़ आया करो
मुझ को सुनना ये अच्छा लगा है सदा
अपना बुद्धू ही कह के बुलाया करो
हम तो कहते रहे प्यार है, प्यार है
तुम भी तो कह के मुझ को जताया करो
घेरतीं हैं घटाएँ मिरे चाँद को
अपने चेहरे से ज़ुल्फ़ें हटाया करो
जिस तरह से मिलाते हैं हम आपसे
आप नज़रों से नज़रें मिलाया करो
हाथ पर हाथ रखने को माँगूँ अगर
तुम तभी हाथ आगे बढ़ाया करो
ये भी तो एक ख़्वाहिश है 'तोयेश' की
मुझ को माथे पे अपने सजाया करो















