कभीइक़रारहोनाथाकभीइंकारहोनाथा
उसेकिसकिसतरहसेदर-पएआज़ारहोनाथा
सुनायेथाबहुतआसूदाहैंसाहिलकेबाशिंदे
मगरटूटीहुईकश्तीमेंदरियापारहोनाथा
सदा-ए-अल-अमाँदीवार-ए-गिर्यासेपलटआई
मुक़द्दरकूफ़ाओकाबुलकाजोमिस्मारहोनाथा
मुक़द्दरकेनविश्तेमेंजोलिक्खाहैवहीहोगा
येमतसोचोकिकिसपरकिसतरहसेवारहोनाथा
यहाँहमनेकिसीसेदिललगायाहीनहीं'मंज़र'
किइसदुनियासेआख़िरएकदिनबे-ज़ारहोनाथा