जिस को हर दिन मनाना पड़ता है
उस को इक दिन गँवाना पड़ता है
वक़्त को बेटे जैसे पाला है
सब को अच्छा बताना पड़ता है
उस की मर्ज़ी वो जब चला जाए
ख़ुद को वापस बुलाना पड़ता है
इतना नाकाम हो गया हूँ मैं
हर घड़ी काम आना पड़ता है
— Chetan
उस को इक दिन गँवाना पड़ता है
वक़्त को बेटे जैसे पाला है
सब को अच्छा बताना पड़ता है
उस की मर्ज़ी वो जब चला जाए
ख़ुद को वापस बुलाना पड़ता है
इतना नाकाम हो गया हूँ मैं
हर घड़ी काम आना पड़ता है
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