मैंअपनेवास्तेरस्तानयानिकालताहूँ
दलील-ए-शे'रमेंथोड़ासाकश्फ़डालताहूँ
बहुतसतायाहुआहूँलईमदुनियाका
सख़ीहूँदिलकीपुरानीख़लिशनिकालताहूँ
ज़मानाक्याहैकभीमनकीमौजमेंआऊँ
तोनोक-ए-नक़्शपेअपनीउसेउछालताहूँ
येमेराकुंज-ए-मकाँमेराक़स्र-ए-आलीहै
मैंअपनासिक्का-ए-राएजयहींपेढालताहूँ
मिरीग़ज़लमेंज़न-ओ-मर्दजैसेबाहमहों
इसेजलालताहूँफिरइसेजमालताहूँ
ज़रापढ़ेंतोमिरीइख़्तियारमेंनरहें
येनौनिहालजिन्हेंमुश्किलोंसेपालताहूँ