तिरीगलीमेंजोधूनीरमाएबैठेहैं
अजल-रसीदाहैंमरनेकोआएबैठेहैं
करोहमारीभीख़ातिरनिकलकेपर्देसे
किमेहमाँहैंतुम्हारेबुलाएबैठेहैं
हमारीबग़लोंमेंबू-ए-मुरादआतीहै
तुम्हारेपहलूमेंहमजबसेआएबैठेहैं
दियाजोइत्रउन्हींआशिक़ोंकोमिट्टीका
कहाकिहमनमलेंगेनहाएबैठेहैं
उठाकेबज़्मसेख़ल्वतमेंतुमकोलेजाते
येसोचतेहैंकिअपनेपराएबैठेहैं
वोशबकोबज़्ममेंहँसहँसकेपूछतेथेहमें
येकौनहैंकिजोआँसूबहाएबैठेहैं
अज़लसेहैयेदो-आलममेंरौशनीजिसकी
उसीचराग़सेहमलौलगाएबैठेहैं
बहारओनिकहत-ए-गुलहोतीहैंनिसारउनपर
चमनमेंरंगवोअपनाजमाएबैठेहैं
यहाँभीचैनसेसोनेनपाएँगेअफ़सोस
मज़ारमेंभीनकीरैनआएबैठेहैं
उठाओगेहमेंअबक्यातुमअपनीमहफ़िलसे
हमआरज़ू-ओ-हवसकेबिठाएबैठेहैं
बहारमेंनईसूझीहैउनकोगुस्ताख़ी
उरूस-ए-बाग़काघूंगटउठाएबैठेहैं
फ़रेफ़्तातिरीइसतिरछीतिरछीचितवनके
छुरीकलेजोंमेंअपनेलगाएबैठेहैं
हमारेदफ़्न-ओ-कफ़नकीबसअबकरोतदबीर
ख़बरभीहैतुम्हेंहमज़हरखाएबैठेहैं
येकुछनसमझेंगेसौदाइयोंपेरहमकरो
हवासे-ओ-होशजुनूँमेंउड़ाएबैठेहैं
फ़रिश्तेदेखिएकरतेहैंहमसेक्यापुर्सिश
मरेपड़ेथेलहदमेंजिलाएबैठेहैं
फ़क़ीरक्यूँँयेहुएहैं'शरफ़'सेपूछोतो
भभूतमलकेजोधूनीरमाएबैठेहैं