hargiz na raah paai farda-o-dee ne dil par | हरगिज़ न राह पाई फ़र्दा-ओ-दी ने दिल पर

  - Ahmad Javaid
हरगिज़राहपाईफ़र्दा-ओ-दीनेदिलपर
रहतीहैएकहालतबारहमहीनेदिलपर
सकतेमेंहैंमह-ओ-मेहरदरियापड़ेहैंबे-बहर
हैसख़्तग़ैर-मौज़ूँदुनियाज़मीन-ए-दिलपर
शो'लाचराग़मेंहैसौदादिमाग़मेंहै
साबितक़दमहूँअबतकदीन-ए-मुबीं-ए-दिलपर
या-अय्योहल-मजाज़ीबहैबस-किज़ेर-ए-तर्तीब
मजमूअतुल-फ़तावाक़ौल-ए-मतीन-ए-दिलपर
लिखलोयेमेरीरायक्याक्यासितमढाए
कलदिलनेआदमीपरआजआदमीनेदिलपर
येरंजना-कशीदायेजेबना-दरीदा
इश्क़रहमहाँरहमइनतारकीन-ए-दिलपर
मानोयेघरछोड़ोदुनियाकोदेखतेहो
जोकुछगुज़रचुकीहैइसना-मकीन-ए-दिलपर
इकसरहैना-कशूदाइकक़ौलना-शनूदा
इकनग़्माना-सरूदातर्ज़-ए-नवीन-ए-दिलपर
पड़ताहैजस्ताजस्तामद्धमसाऔरशिकस्ता
इकमाह-ए-नीलमींकापरतवनगीन-ए-दिलपर
सौबारइधरसेगुज़रावोआतिशींचमनसा
इकबर्ग-ए-गुलरक्खादस्त-ए-यमीन-ए-दिलपर
ख़ूँ-बस्ताचश्म-ए-हैराँपैवस्ताला'न-गर्दां
बे-दीदबल्किबे-दर्दबल्किकमीनेदिलपर
तूफ़ानउठारखाथाआँखोंनेवाह-वाका
उसकीनज़रनहींथीकलआफ़रीन-ए-दिलपर
रंगीनतोबहुतहैदुनियामगरमहाशय
धब्बेसेपड़गएहैंकुछआस्तीन-ए-दिलपर
वोमाह-ए-नाज़नींहैयासर्व-आतिशींहै
याफ़ित्ना-ए-क़यामतबरपाज़मीन-ए-दिलपर
सबना-मलामतोंकोसबबे-करामतोंको
सबसर-सलामतोंकोलानाहैदीन-ए-दिलपर
'जावेद'कोदिखाकरकहताहैसबसेदिलबर
ऊधममचारखाथाइनभाई-जीनेदिलपर
फ़ारूक़ीऔरअहमद-मुश्ताक़कोतहय्यत
शाख़-ए-ग़मगीन-ए-दिलपरहिस्न-ए-हसीन-ए-दिलपर
  - Ahmad Javaid
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Kashmir Shayari

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