साग़रक्यूँँख़ालीहैमिराऐसाक़ीतिरेमयख़ानेमें
फिरडालदेउल्फ़तकीनज़रेंइकबारमिरेपैमानेमें
वोइश्क़नहींहैबुल-हवसीजोवस्लकीचाहतकरताहै
बाक़ीहैफ़रासतअबतकभीइतनीतोतिरेदीवानेमें
दुनियाकीइनायतहैउतनीहरगामबिछातीहैकाँटे
हमरंग-ए-हिनाकैसेभरतेइसउल्फ़तकेअफ़्सानेमें
क्यूँँख़ाकमेंमेरीवस्फ़नहींजिससेमह-ओ-अंजुमशरमाएँ
हरआनउलझताजाताहूँइसगुत्थीकोसुलझानेमें
फिरराज़-ए-ख़ुदीएज़ाज़-ए-ख़ुदीपरवाज़-ए-ख़ुदीउससेपूछें
'इक़बाल'साकोईफ़रज़ानामिलजाएअगरअनजानेमें