मिरीआँखोंमेंआदिलमेंउतरपैवंद-ए-जाँहोजा
मैंबेनाम-ओ-निशाँहूँतूमिरानाम-ओ-निशाँहोजा
कभीतोआख़िर-ए-शबफूलसाखिलमेरेआँगनमें
कभीमेरेनवाह-ए-जिस्ममेंख़ूशबू-ए-जाँहोजा
तूमेरेदश्त-ए-हर्फ़-ओ-सौतकोबर्ग-ए-ख़मोशीदे
तूमेरीआँखमेंगुम-गश्ता-ए-हैरत-निशाँहोजा
मगरयेज़ातकाबन-बासकबतकभोगनाहोगा
किसीपर्बतकेपीछेसेबुला,कुछमेहरबाँहोजा
मिरीरातोंकोक़तराक़तराशबनमबाँटनेवाले
कभीमानिंद-ए-दरियामेरीआँखोंसेरवाँहोजा
वोदेखोकहकशाँसाइकजज़ीरामुंतज़िरअपना
मुझेनय्याबनाअपनीतूमेराबादबाँहोजा