शामकामंज़रउलझारस्ताएककहानीतूऔरमैं
ढलतासूरजबढ़तासायाकश्ती-रानीतूऔरमैं
बंदइककमराचुपकामंज़रभूली-बिसरीदीपकयाद
तन्हाईदुखख़ौफ़कीलज़्ज़तदिलबर-ए-जानीतूऔरमैं
तितलीख़ुश्बूरंगकीबातेंशबनमसेशर्मीलेख़्वाब
आसकापंछीगुम-सुमख़्वाहिशरात-की-रानीतूऔरमैं
पलकेंचिलमनशर्मा-शर्मीकमकमगोयानज़रेंक़ुर्ब
रातोंजैसीसीधी-सादीइकनादानीतूऔरमैं
रातघनेरीघोरघटाएँसावनसीबरसात'अली'
यादकापंछीवक़्त-ए-आख़िरआँखमेंपानीतूऔरमैं