राएगाँजाताहैकबउल्फ़तमेंदीवानोंकाख़ूँ
रंगलाताहैकिसीदिनइनकेअरमानोंकाख़ूँ
हुस्न-ए-गुलपरइसक़दरमाइलनहोऐअंदलीब
होकेरहजाएगाइकदिनतेरेअरमानोंकाख़ूँ
ख़ाकबुलबुलनेसँवाराग़ाज़ाभीकरहुस्न-ए-गुल
औरनूर-ए-शम्अ'मेंचमकाहैपरवानोंकाख़ूँ
आशियानेमेंक़फ़सकाज़िक्रथासूहान-ए-रूह
अबक़फ़समेंहोरहाहैदिलकेअरमानोंकाख़ूँ
सुब्हतकऐशम्अ''तुझकोजगमगानाहैफ़क़त
किसलिएनाहक़किएजातेहैंपरवानोंकाख़ूँ