dil par rakho nigaah jigar par nazar karo | दिल पर रखो निगाह जिगर पर नज़र करो

  - Dil Ayubi
दिलपररखोनिगाहजिगरपरनज़रकरो
मक़्दूरहोतोज़ातमेंअपनीसफ़रकरो
हंगाम-ए-ख़ैर-मक़्दम-ए-सुब्ह-ए-नशातहै
परवाना-वारशामसेरक़्स-ए-शररकरो
ज़ंजीरतोड़नाभीबड़ाकामथामगर
फ़ुर्सतमेंहोतोज़ीनत-ए-दीवार-ओ-दरकरो
मायूस-कुनहैआलम-ए-इम्काँअभीतोक्या
दुनिया-ए-मुम्किनातपेअपनीनज़रकरो
जोग़मभीदेहयातख़ुशीसेक़ुबूलहो
इतनातोएहतिमामग़म-ए-मो'तबरकरो
अपनोंकोतोनिबाहनेवालेहज़ारहैं
इंसानहोतोदिलमेंअदूकेभीघरकरो
जातानहींयेतीरकिसीहालमेंख़ता
हरमरहलाहयातकाउल्फ़तसेसरकरो
सबलुटरहेहैंबर-सर-ए-बाज़ारइनदिनों
किससेकहेंकिक़द्र-ए-मता-ए-हुनरकरो
इकरहगुज़ारमंज़िल-ए-मस्तीहैमय-कदा
हररिंदकोख़ुशीसेशरीक-ए-सफ़रकरो
'दिल'बहुतख़राबहैंहालातशहरके
याँजिसकिसीसेबातकरोमुख़्तसरकरो
  - Dil Ayubi
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Haalaat Shayari

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