कुछनपूछोक्यूँँहुआक्याक्याहुआ
जोहुआहक़मेंमिरेअच्छाहुआ
वोज़मानेमेंबहुतरुस्वाहुआ
जोभीउनकेहुस्नकाशैदाहुआ
मुजरिम-ए-इश्क़-ओ-वफ़ाहैंऔरभी
क्यूँमिरेहीनामकाचर्चाहुआ
उसकीनज़रोंमेंहैनर्माहटबहुत
वोअगरपत्थरहुआतोक्याहुआ
बे-इरादाहीतोउट्ठीथीनज़र
क्यूँइसीकाबज़्ममेंचर्चाहुआ
सिमटासिमटाजिसक़दरमहफ़िलमेंथा
उसक़दरबिखराहूँजबतन्हाहुआ
नामवालाथाबहुत'राही'मगर
नामलेकरआपकारुस्वाहुआ