कभीक़तारसेबाहरकभीक़तारकेबीच
मैंहिज्र-ज़ादहुआख़र्चइंतिज़ारकेबीच
बनाहुआहैत'अल्लुक़साउस्तुवारीका
मिरेतवाफ़सेइसमेहवरओमदारकेबीच
किआताजातारहेअक्स-ए-हैरतीइसमें
बिछादियागयाआईनाआर-पारकेबीच
हवाकेखेलमेंशिरकतकेवास्तेमुझको
ख़िज़ाँनेशाख़सेफेंकाहैरहगुज़ारकेबीच
येमैंहूँतूहैहयूलाहैहरमुसाफ़िरका
जोमिटरहाहैथकनसेउधरग़ुबारकेबीच
कोईलकीरसीपानीकीझिलमिलातीहै
कभीकभीमिरेमतरूकआबशारकेबीच
मैंउम्रकोतोमुझेउम्रखींचतीहैउलट
तज़ादसम्तकाहैअस्पऔरसवारकेबीच