maah kitne hain saal kitne hain | माह कितने हैं साल कितने हैं

  - G R Kanwal

माह कितने हैं साल कितने हैं
हिज्र कितने विसाल कितने हैं

भीड़ तो बस्तियों में काफ़ी है
आदमी बा-कमाल कितने हैं

जंग तेरी बड़ी तवील सही
माअ'रके बे-मिसाल कितने हैं

लोग बरसों समझ नहीं पाते
उन के शीशे में बाल कितने हैं

जिस की क़िस्मत में हैं उरूज बहुत
देख ये भी ज़वाल कितने हैं

तू है ख़ामोश और बरसों से
मेरे दिल में सवाल कितने हैं

क्या ख़बर है 'कँवल' मुझे खो कर
उस के दिल में मलाल कितने हैं

  - G R Kanwal

Dil Shayari

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