तुम कहते हो ख़ासा दूर रहे हैं हम
ऐसे तुम से कितना दूर रहे हैं हम?
हम को उस की हालत देख के लगता है
शायद सच में ज़्यादा दूर रहे हैं हम
जब भी मिलेंगे घंटों रोते बैठेंगे
अबकी बारी ऐसा दूर रहे हैं हम
उस की कुर्बत मेरे हाथ नहीं, उस ने
जब जब जैसे चाहा दूर रहे हैं हम
इस रिश्ते की मौत के काफ़ी कारण हैं
लेकिन सब से पहला दूर रहे हैं हम
— Hukm















