assalaam ai azmat-e-hindostaan ki yaadgaar | अस्सलाम ऐ अज़्मत-ए-हिन्दोस्ताँ की यादगार

  - Jagan Nath Azad
अस्सलामअज़्मत-ए-हिन्दोस्ताँकीयादगार
शहंशाह-ए-दयार-ए-दिलफ़क़ीर-ए-बे-दयार
आजपहलीबारतेरीक़ब्रपरआयाहूँमैं
बे-नवाहूँनज़्रकोबे-लौसदिललायाहूँमैं
गर्दिश-ए-तक़दीरकेहाथोंवतनसेदूरहूँ
एकबुलबुलहूँमगरसेहन-ए-चमनसेदूरहूँ
शौक़आज़ादीकामुझकोखींचलायाहैयहाँ
आजदुश्मनहैज़मींमेरीअदूहैआसमाँ
मैंभीहूँअपनेवतनसेदूरतूभीदूरहै
हाँरज़ा-ए-पाक-ए-यज़्दाँकोयहीमंज़ूरहै
मेरादामनभीयहाँकीख़ाकसेआलूदाहै
फ़र्क़सिर्फ़इतनाहैमैंआवारातूआसूदाहै
शह-ए-ख़्वाबीदातक़दीर-ए-बेदार-ए-वतन
आइनामेरीनिगाहोंपरहैबार-ए-वतन
मेरेदिलकोयादहैअबतकवोसत्तावनकीजंग
जिसकेबा'दइससर
ज़मींपेछागएअहल-ए-फ़रंग
मेरीनज़रोंमेंहैमेरठऔरदेहलीकाज़वाल
जानताहूँमैंजोथाझांसीकीरानीकामआल
मैंनहींभूलाअभीअंजाम-ए-नाना-फ़रनवीस
हैनज़रमेंकोशिश-ए-नाकाम-ए-नाना-फ़रनवीस
दास्ताँजैसेभीहोगुज़रीवोसबमालूमहै
तेरेदिल-बन्दोंपेजोगुज़रीवोसबमालूमहै
येवतनरौंदाहैजिसकोमुद्दतोंअग़्यारने
जिसपेढाएज़ुल्मलाखोंचर्ख़-ए-ना-हंजारने
जिसकोरक्खामुद्दतोंक़िस्मतनेज़िल्लत-आश्ना
जिसनेहरपहलूमेंदेखीपस्तियोंकीइंतिहा
आजफिरउसमुल्कमेंइकज़िंदगीकीलहरहै
ख़ाकसेअफ़्लाकतकताबिंदगीकीलहरहै
आजफिरइसमुल्ककेलाखोंजवाँबेदारहैं
हुर्रियतकीराहमेंमिटनेकोजोतय्यारहैं
आजफिरहैबे-नियामइसमुल्ककीशमशीरदेख
सोनेवालेजागअपनेख़्वाबकीता'बीरदेख
इसतरहलरज़ेमेंहैबुनियाद-ए-ऐवान-ए-फ़रंग
खाचुकेहैंमातगोयाशीशा-बाज़ान-ए-फ़रंग
हुब्ब-ए-क़ौमीकेतरानोंसेहवालबरेज़है
औरतोपोंकीदनादनसेफ़ज़ालबरेज़है
शोरगीर-ओ-दारकाहैफिरफ़ज़ाओंमेंबुलंद
आजफिरहिम्मतनेफेंकीहैसितारोंपरकमंद
फिरउमंगेंआरज़ूएँहैंदिलोंमेंबे-क़रार
क़ौमकोयादगयाहैअपनागुम-गश्तावक़ार
नौजवानोंकेदिलोंमेंसरफ़रोशीकीउमंगइश्क़बाज़ीलेगयाहैअक़्लबेचारीहैदंग
आजफिरइसदेसमेंझंकारतलवारोंकीहै
कुछनिरालीकैफ़ियतफिरदेसकेप्यारोंकीहै
जोतवानाईइरादोंमेंहैकोहसारोंकीहै
ज़र्रेज़र्रेमेंनिहाँताबिंदगीतारोंकीहै
येनज़ाराआहलफ़्ज़ोंमेंसमासकतानहीं
आँखजोकुछदेखतीहैलबपेसकतानहीं
फ़त्ह-ए-नुसरतकीदु'आओंसेहुआमा'मूरहै
नारा-ए-जय-हिंदसेसारीफ़ज़ामा'मूरहै
मुझकोशाह-ए-वतनअपनेइरादोंकीक़सम
जिनकेसरकाटेगएइनशाह-ज़ादोंकीक़सम
तेरेमरक़दकीमुक़द्दसख़ाककीमुझकोक़सम
मैंजहाँहूँउसफ़ज़ा-ए-पाककीमुझकोक़सम
अपनेभूकेजाँ-ब-लबबंगालकीमुझकोक़सम
हाकिमोंकेदस्त-परवरकालकीमुझकोक़सम
लाल-क़िलेकेज़वालशहर-ए-देहलीकीक़सम
मोहसिन-ए-देहलीमआल-ए-शहर-ए-देहलीकीक़सम
मैंतिरीखोईहुईअज़्मतकोवापसलाऊँगा
औरतिरेमरक़दपेनुसरत-याबहोकरआऊँगा
तेग़-ए-हिन्दीजिसकालोहामानताहैइकजहाँ
जिसकीतेज़ीकीगवाहीदेरहाहैआसमाँ
तेग़-ए-हिन्दीजिसकोमैंनेकरदियाहैबे-नियाम
जिसकाशेवाहुर्रियत-केशीजहाँगीरीहैकाम
जिसनेपूरीमुंसिफ़ीकीआजतकदुनियाकेसाथ
ज़ुल्मकीदुश्मनहैजोइकज़ुल्म-ए-बे-पर्दाकेसाथ
हरक़दमपरजिसनेबातिलकोमिलायाख़ाकमें
जिसकेसाखोंकीअभीतकगूँजहैअफ़्लाकमें
आजफिरअपनीनज़रजिसकीचमकसेख़ीराहै
जिसकीताबानीसेरौशनइकजहान-ए-तीराहै
इकजज़ीरेकेहसींसाहिलसेजबटकराएगी
चैनसेमुझकोभड़कतीआगमेंनींदआएगी
  - Jagan Nath Azad
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